Posts

Showing posts from March, 2018

सोये अब नारी नहीं

सोये अब नारी नहीं ------------------------------- सोये अब नारी नहीं,अबला बिचारी नहीं, करत हावे काम ला,नर के समान गा। ज्ञान अउ विज्ञान मा,देश अउ जहान मा, जिहाँ देखो उहाँ अब नारी के हे शान गा। खेल के मइदान मा,धरती आसमान मा, रचत हे नारी मन नवा कीर्तिमान गा। घर-परिवार,टी वी,रेडियो,अख़बार मा पावत हे नारी अब सबो जघा मान गा। देश के सिपाही बन लड़त हावे डट के, दुश्मन के तोड़त हे देखो अभिमान गा। करव झन तुलना नारी संग मा नर के, झुके हावे नारी आघू सदा भगवान गा।।                      राम कुमार चन्द्रवंशी                      बेलरगोंदी(छुरिया)                       राजनांदगाँव (छ.ग.)