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Showing posts from November, 2018

जिनगी के सच

Subject: रोला छंद            जिनगी के सच         ------------------------------ झूठा हावय शान,ठोंक झन तैंहर छाती। धन-दौलत परिवार,काम नइ आवय नाती।। फँसके माया-मोह,खाव झन कभू गुलाटी। जग मा आये जीव,एक दिन होथे म...

गउ के करबो सेवा

(छप्पय ) गउ के करबो सेवा -------------------------------------------- करबो चलो उपाय,गाय के करबो सेवा। पुन के आवय काम,सदा जी पाबो मेवा।। देथे गोरस गाय,दही अउ माखन पाथन। बनथे बछवा बैल,खेत मा फसल उगाथन।। गउ के गोबर पा...

गउ हे धन

(कज्जल) गउ हे धन ------------------------- करव चलो मिलके उपाय। रहय सुरक्षित हमर गाय। रखबो कटनी ले बचाय। लेबो जी सब पुन कमाय।। गउ के महता रिषि बताय। बिना भेद गोरस पियाय। मनखे जे दूध,घी खाय। ओकर घर न...

जिनगी के सच

(रोला ) जिनगी के सच ------------------------------ झूठा हावय शान,ठोंक झन तैंहर छाती। धन-दौलत परिवार,काम नइ आवय नाती।। फँसके माया-मोह,खाव झन कभू गुलाटी। जग मा आये जीव,एक दिन होथे माटी।। तज दे गरब-गुमान,क...

दुनिया के सच

(छप्पय) दुनिया के सच ------------------------------------------------- दुनिया हरे बजार,सबो मन समझव जानव। लगे हवय जी भीड़,बाट तुम खोज निकालव। मया-मोह के जाल,बिछे हे समझव जानव। बगरे दाना देख,फँसव मत कोई मानव। सुख मा सब झन ...

बोली के महता

छप्पय बोली के महता ------------------------- सुनव सबो के बात,करव झन सदा ठिठोली। तिनका बने पहाड़,सोच के बोलो बोली। करे तीर कस घाव,जीभ हे खतरा भारी। मानो कहना मोर,सबो झन नर अउ नारी। मीठा बानी बोल के,ह...

बिरवा लगाव

घनाक्षरी बिरवा लगाव ----------------------------------- जागो उठो नर-नारी,सुनो बात संगवारी, जुरमिल सबो मन करव विचार गा। कटागे हे रुख-राई,होवत हे करलाई, धरती के करो संगी,चलव सिंगार गा।। रुख बिना बाढ़ कहूँ,प...

भारत के वासी अँव

मय भारत के वासी अँव ------------------------------------------- मय भारत के वासी अँव रे, मय भारत के वासी अँव। धरती दाई के सेवा बजइया वफादार चपरासी अँव।। ना मय छत्तीसगढ़िया आवंव, ना मय हर गुजराती अँव; ना मय आवंव उड़िय...

देवारी के तियारी

देवारी के तियारी ---------------------------- उज्जर घर-अँगना,पोतत हावे रंग मा, मनखे न खाली हे,काम-बुता भारी हे। नवा-नवा लागत हे,गाँव अउ सहर ह, लोगन देवारी के,करत तियारी हे।। सजे हे दुकानदारी,लगे हावे ...