"दिनकर जी केहे हे" ------------------------------------------ डॉ रामाधारी सिंह दिनकर जी केहे हे- कि 'अजादी के बाद देस म नेता के संख्या बाढ़त हे, जउन ल देखबे तउन ह नेता बनना चाहत हे; नेतागिर...
"गजब के हैं लोग" ------------------------------------------------ लगा हुआ है लोगों को मोबाईल का रोग, क्या कहूँ?इस दुनिया में गजब के हैं लोग। जाते हैं लोग मंदिरों में,चाहते है गर्व मिटाना, भूलते नहीं है गर्व से अपना फोट...
"मनखे जिनगी हे अनमोल" --------------------------------------------- ये मनखे जिनगी हे अनमोल, जगत म ककरो संग झन तोल। हीरा बरोबर तन के भीतर लोभ-लालच ल तैंहर झन भर, तोर करम के लेखा-जोखा, हावे देखइया बइठे ऊपर; लेस ले काँटा ...
"पर्यावरण गीत" ------------------------------------------------- मत करो रुख के बिनास रे संगी, वो तेल हरे हम बाती गा, काट के रुखवा ल काबर करत हव अपन टोंटा म फाँसी गा? जंगल लागे मधुबन जइसे, ...
"बेरा के गोठ" ------------------------------------------------- चार दिन के जिनगी,राखव सबो संग बंदगी, काकरो निंदा-चारी ल झन गोठियाव संगी, कोठ के घलो कान होथे,बदल गेहे जमाना, हांड़ी के मुँह म परई ल ढाँकबे, मनखे के मुँह म का ल...
"सपने की बात न बता" -------------------------------------------- ऐ इंसान,तू मुझे,कोरे सपने की बात न बता, पहुँच सकूँ अपनी मंजिल तक, ऐसी कोई मुझे राह दिखा। सपने तो अक्सर जीवन में आते-जाते रहते हैं, जैसे ...
"नीत के गोठ" ----------------------------- काम के न कौड़ी के,खर्चा जादा औकात ले, वइसन मनखे के जिनगी,न घर के होय न घाट के।। फूल,मान नइ पावय,बिना कोई महक के, खेती उपज बताय नहीं,बिना किसानी सौंहत के; आये बेरा के ...
"यह मृत्युलोक है" -------------------------------------- इस संसार में खुशियाँ है,शोक है, क्योंकि,यह मृत्युलोक है। इंसान,यहाँ ईमान की गुजारिश सब से करता है, और स्वयं बेईमानी के पंख लिए उड़ता है; खुद का कसूर चूक ...
"न मैं कवि हूँ,न कोई लेखक" -------------------------------------- न मैं कवि हूँ,न कोई लेखक, पर,लिखने की कोशिश करता हूँ बेशक, क्योंकि,मुझे पता है- कि हर प्राणी का जीवन एक कविता है; फर्क,सिर्फ इतना है कि- कुछ पढ़ने लाय...
"मेला" --------------------------- एक दिन मेरा पुत्र बोला- चलो पिताजी मेला, सारे पडोसी जा रहे हैं, घूमें ठेलम-ठेला। मैं बोला-ठीक है बेटा, चलिए मुन्ना राजा। मेला पहुँचते ही पुत्र बोला- उन्हें चाहिए बा...
हाईकू ------------------- बेरा हे खास, जनता ल हे आस, चुनाव हे पास। करही वादा, सब बढ़-चढ़ के, एक इरादा। काटही चाँदी, चमचा मन भारी, पहिन खादी। खोलही पोल, जनता के बीच म, कोन हे चोर। बढ़िया कोन? बिचारही जन...
"आओ योग करें" ---------------------------------- आओ हम सब योग करें, तन-मन को निरोग करें; सुबह-शाम कर प्राणायाम, खुद को हम बेजोड़ करें। सोयें समय पर,उठें प्रभात्, नित्य-कर्म से करें श...
"देवारी के बाद" ------------------------------- सबके खुशहाली,सोनहा बाली, जोहत हे अब बाट: देवारी के बाद। रद्दा ल चतवार,छोल के कोठार रुन्धत हे हाथों-हाथ; देवारी के बाद। ले अरमान,चलत हे किसान, धर के हँसिया ह...
"बिटिया के सवाल" --------------------------------- मेरी नन्ही बिटिया मेरे पास खड़ी, आँखों में लिए आँसू की झड़ी; पूछ रही है मुझे बार-बार, पापा,कहाँ है मेरी फुलझड़ी? मैंने कहा-बिटिया, इस बार फुलझड़ी न बम है, प्रदू...
"दीया ले सीखो" ----------------------------- देवारी के नानचुन दीया रिगबिग-रिगबिग बरत हे, का अमीर,का गरीब कोई संग भेद नइ करत हे, सबके घर-दुवार म अंजोर बरोबर करत हे, परहित के खातिर बाती ह जरत हे, अपन नानचुन ...
"प्लास्टिक चाउर" ----------------------------- मोर परोसी बिहनिया होती पेट पीरा म रोवत रहय, प्लास्टिक चाउर खाहे कहिके मोहल्ला भर के मन कहत रहय; में सोचेंव,प्लास्टिक चाउर! प्लास्टिक कइसे चुरही, पसाय...
"असल मानव" --------------------------------------------------------- जग में उनका ही जीवन सफल होता हैं, मुश्किलों का जिनके पास हल होता है; वक़्त कैसा भी हो,किन्तु रोते नहीं, उनका ही खुशनुमा कल होता है; पाता ह...
"दुनिया म धोखा हे" ***************************** पाँव-पुट दुनिया म धोखा हे, काँटा नहीं त रद्दा म गोटा हे; देखो रे संगी,बचो रे साथी, मनखे बनगे सुवारथ चाकी, गहूँ कीरा कस पेरावत गा भरोसा हे; ...
"मुस्कुराकर जी ले" ********************* हे मानव ! नश्वर शरीर का नुमाईश क्या करना, सदा मन मुताबिक पाने की फ़रमाईश क्या करना; जिंदगी होती है चार दिन की, फिर,पाँचवे की ख्वाहिश क्या करना? मन तो सागर ह...
"कुछ काम करो" ----------------------------------------------------- कुछ काम करो,कुछ काम करो, जग में अपना नाम करो; जब तक मंजिल न मिले, तब तक न आराम करो।। आराम,कर्म का है नाशक, बनना नहीं,आराम-उपा...
"चलो,बुजुर्गो के पास" ********************* चलो,बुजुर्गों के पास कुछ पल गुजारें। कुछ उनकी सुनें, कुछ अपनी सुनाएँ; वे चाँद,हम तारें।। जीवन पथ पर चलते-चलते थके हुए अब लगते हैं, कटे पाँख ...