Posts

Showing posts from December, 2017

चलो,नवा छत्तीसगढ़ बनाबो

"चलो,नवा छत्तीसगढ़ बनाबो" --------------------------------------------- बीतगे सो बीतगे,जुन्ना ले सीख़ के, जिनगी के रद्दा ल चतराबो;     चलो,नवा छत्तीसगढ़ बनाबो। ईर्ष्या-द्वेष ल छोड़के,सब संग मया जोड़के, भाई-चारा बढ़ाबो;  ...

चेहरा

चेहरा ----------------------------------- चेहरे पर क्या नाज करना?                चेहरे पे क्या रखा है? सुबह का सूरज,             शाम को जरूर ढलता है; रूप के सहारे जो बटोरते है सुर्खियां, एक दिन मुरझा जाता है फ...

बेरा के गोठ

"बेरा के गोठ" --------------------------- काकर सही,काकर लबारी, काकर ल पतियाबे? काकर गोठ गोठियाबे? हमर परोसी दुकालू रोज चिल्लावत हे, कि मँहगाई बढ़ गे हे, अउ ओकरे टुरा भट्ठी म दारू पी के परे हे, मोर समझ म नइ ...

दौलत के हे अजब कहानी

"दौलत के हे अजब कहानी" -------------------------------------------- दौलत के हे अजब कहानी,                करथे जग म मनमानी; कभू पराया ल एक बनाथे,          कभू खून के रिश्ता ल पानी। बिन दौलत मिले मान नहीं, जग म मीठ जबान न...

प्रीत करना सीख ले

"प्रीत करना सीख ले" ------------------------------------------ जीवन में क्या रक्खा है?तू पढ़ ले,लिख ले, इंसान है तू,इंसान से प्रीत करना सीख ले। नफरत करने वालों की कमी नहीं यहाँ, हो सके तो जीवन में नफरत को तू जीत ले; इं...

नइ मिले फेसन मा रोटी ह

"नइ मिले फेसन म रोटी ह" ------------------------------------------ नइ मिले फेसन म रोटी ह रे। कर ले करम के खेती ल रे। आमदनी कुछु नहीं,खर्चा रुपैया, आनी-बानी के फेसन करत हावे भइया; बांचे नहीं अइसन म लंगोटी ह रे। काम के ...