"सावन महीना" ------------------------------------- अँगरी मा जस सोन के मुँदरी, अउ मुँदरी मा नगीना, बड़ मनभावन सदा सुहावन, लागय सावन महीना।। हरियर-हरियर खेत-खार सब, हरियर द...
जनम दिन की बधाई --------------------------------- निक करम करत चलव,करव नित कमाल, जनम दिन बधाई,जियव हजारों साल। जिनगी मा बढव नित छुवव अगास ला, गड़य झन पाँव मा कभू काँटा ना फाँस हा, नित गरीबी,बदनसीबी मान जाय हा...
किसान की पीड़ा --------------------------------------------------- आजादी से आज तक, मिला मुझे आश्वासन, भूल जाते हैं हमदर्दी भी, पाकर के सिहांसन; कौन सुनेगा?किसे सुनाऊँ? ...
'पीपल' पीपल पूजा योग्य क्यों?आओ जाने बात। पीपल देता है सदा,ऑक्सीजन दिन-रात।।1।। कहते हैं पुराण सब,कहता है विज्ञान। पीपल है संसार में,तभी है यहाँ प्रान।।2।। शीतलता दे ग्रीष्म ...
"ओ बरखा रानी" ------------------------------------ ओ बरखा रानी,ओ बरखा रानी, सुत झन बादर ला ओढ़ के, आगे महीना सावन के अब, बने बरस दमोर के। चमकत हे बिजली,गरजत हे बादर, ...
इंसानों को देखा है√ ------------------------------------------- ऐ गिरगिट ! तू नाज न कर, अपने रंग बदलने पर, तेरा स्वयं पर नाज़ करना सिर्फ,आँखों का धोखा है, तुझसे ज्यादा इंसानों को- ...
"नारी" -------------------------- सोई अब नारी नहीं,अबला बेचारी नहीं, कर रही काम अब,नर के समान है। ज्ञान और विज्ञान में,देश और जहान में, जहाँ देखो वहाँ अब,नारियों की शान है। खेल के मैदान पर,धरा आसमान पर, ...
समय-समय की बात है ----------------------- दिल की बात अपनों के पास छुपाना नहीं चाहिए, दिल की बात हर किसी को बताना नहीं चाहिए; मिथ्या कोई वाक्य नहीं, वाक्य दोनों सही; दोनों की अपनी औकात है, बस,समय-समय...
उल्लाला छंद उल्लाला छंद 13-13 3+3+2+3+2=13 या 4+4+3+2=13 प्रत्येक चरण। बिना बीज ना फर मिलय,बिना पेड़ ना छाँव हा। बिना करम के ना चलय,जग मा ककरो नाँव हा। रात अधूरा दिन बिना,सँझा बगैर बिहान हा। एक-दूसरा ...
"बदलेगा इतिहास जरूर" --------------------------------------- जब तक तन में साँसे हैं, राहें,नित तलाश करो, बदलेगा इतिहास जरूर, तुम बदलने का तो प्रयास करो। कर्म से जो भी भागा है, भाग्य कब उ...
बरखा रानी ---------------------- बरखा रानी ! बरखा रानी ! अब तो जल बरसाओ, प्यासी है अति धरती माता, आकर प्यास बुझाओ। सूख गए हैं नदी-ताल सब और वृक्षों की ...
संवरेगा निश्चित ही कल ---------------------------------------- बीत गया सो बीत गया, रोना नहीं है उनका हल; चलो,आज ही करो सुकर्म, संवरेगा निश्चित ही कल। तूफानों से दूर ना भागो, कायरत...
आपके शहर में नये हैं ------------------------------ आप बदल रही हैं, पर आपको विश्वास नही है; देखो दिल के आईने में बात कितनी सही है; देखिये,ये हम नहीं, कुछ लोग कह रहे हैं, वर्ना हमें...
उल्लाला छंद ------------------------------- कलजुग -------------------------------------------- देखव कलजुग के अदा,अजब-गजब अंदाज हे। साँच मरत हे भूख मा,झूठा मन के राज हे।।1।। मनखे,मनखे नइ चिन्हे,सब स्वारथ के मीत हे। दौलत जेकर पास ह...