यह मृत्युलोक है

"यह मृत्युलोक है"
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इस संसार में खुशियाँ है,शोक है,
क्योंकि,यह मृत्युलोक है।
इंसान,यहाँ ईमान की गुजारिश सब से करता है,
और स्वयं बेईमानी के पंख लिए उड़ता है;
खुद का कसूर चूक है,गैरों का दुःख है,
क्योंकि,यह मृत्युलोक है।
महँगी हो वस्तुएँ तो दुनिया,दाम का रोना रोती है,
और सस्ते की उनसे कदर नहीं होती है;
जहाँ भी देखो जोक ही जोक है,
क्योंकि,यह मृत्युलोक है।
यहाँ मुफ़्त के नसीहतदाता लाखों मिलते हैं,
लेकिन,रास्ते पर बहुत कम लोग चलते हैं;
सबका अपना-अपना शौंक है,
क्योंकि,यह मृत्युलोक है।
जिंदगी चार दिन की है,सभी लोग जानते हैं,
किन्तु, मरना कोई नहीं चाहते है;
यहाँ हर इंसान ढूंढता सुख है,
क्योंकि,यह मृत्युलोक है।

    राम कुमार चन्द्रवंशी
ग्राम+पोष्ट-बेलरगोंदी(छुरिया)
जिला-राजनांदगाँव(छ.ग.)
दैनिक दावा rjn में 05/11/2017 को प्रकाशित।

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