देवारी के बाद
"देवारी के बाद"
-------------------------------
सबके खुशहाली,सोनहा बाली,
जोहत हे अब बाट:
देवारी के बाद।
रद्दा ल चतवार,छोल के कोठार
रुन्धत हे हाथों-हाथ;
देवारी के बाद।
ले अरमान,चलत हे किसान,
धर के हँसिया हाथ;
देवारी के बाद।
लावत हे भारा,भर के गाड़ा,
मुड़ कोई सुर म लाद;
देवारी के बाद।
गिरे हे कंसी,खार म पंछी,
मनभावत हे अवाज;
देवारी के बाद।
आगे अन्नपूर्णा,ख़ुशी दुगुना,
होवत हे पूजा-पाठ;
देवारी के बाद।
बिसरगे गम,मचलगे मन,
सबो परानी के आज;
देवारी के बाद।
ठेलम-ठेला,खचाखच मेला,
अउ रतिहा म नाच;
देवारी के बाद।
गाँव म हरबोला अउ बसदेवा
देवत हे आशीर्वाद;
देवारी के बाद।
---------------------------------------------
राम कुमार चन्द्रवंशी
बेलरगोंदी(छुरिया)
जिला-राजनांदगाँव (छ.ग.)
9179798316
24/10/2017 को दैनिक दावा rjn में प्रकाशित।
Comments
Post a Comment