चलो बुजुर्गों के पास
"चलो,बुजुर्गो के पास"
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चलो,बुजुर्गों के पास कुछ पल गुजारें।
कुछ उनकी सुनें, कुछ अपनी सुनाएँ;
वे चाँद,हम तारें।।
जीवन पथ पर चलते-चलते
थके हुए अब लगते हैं,
कटे पाँख सा पंछी,
उड़ने की चाह वे रखते हैं;
मुश्किल जिनसे हारता आया,
बैठे हैं अब वे हारे।
चलो,बुजुर्गो के पास कुछ पल गुजारें।।
ताकत भले ही हो न हो,
पर,यथार्थ ज्ञान वे रखते हैं;
जीवन में मंजिल पाने का
चलो,गुर उन्हीं से सीखते हैं;
अनुभव उनके आत्मसात् कर
अपना जीवन हम सवारेें।
चलो,बुजुर्गों के पास कुछ पल गुजारें।।
पाकर हमको,मुखड़ा उनका
प्रात कमल सा खिल जायेगा,
और जीवन की गहराई का
रास हमें भी मिल जायेगा;
न उनको घाटा,न हमको हानि,
आओ,हम यह बात विचारें।
चलो,बुजुर्गों के पास कुछ पल गुजारें।। *************************************
राम कुमार चन्द्रवंशी
ग्राम+पोष्ट-बेलरगोंदी
जिला-राजनांदगाँव(छ.ग.) 9630715538/9179798316 दिनांक-28/08/17को sunstar अखबार में प्रकाशित।
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