नीत के गोठ
"नीत के गोठ"
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काम के न कौड़ी के,खर्चा जादा औकात ले,
वइसन मनखे के जिनगी,न घर के होय न घाट के।।
फूल,मान नइ पावय,बिना कोई महक के,
खेती उपज बताय नहीं,बिना किसानी सौंहत के;
आये बेरा के मान छोड़ टारथे जउन लात में,
वइसन मनखे के जिनगी,न घर के होय न घाट के।।
घर-दुवार सबो बेंचाथे,मन्द-जुआ के बाट में,
भाग काकरो जागय नहीं,सोये बाद परभात ले;
खुद सियानी जानय नहीं,सौंपथे पर के हाथ में,
वइसन मनखे के जिनगी,न घर के होय न घाट के।। करम बिना जिनगी म ठीहा कोनो पावय नहीं,
बिना मघा बरसात के भुइयाँ ह अघावय नहीं;
जउन चार के बात ल लगाथे अपन माथ ले,
वइसन मनखे जिनगी ल बिताथे हाँस-हाँस के।।
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राम कुमार चन्द्रवंशी
ग्राम+पोष्ट-बेलरगोंदी (छुरिया)
जिला-राजनांदगाँव दैनिक दावा rjn में 09/11/2017को प्रकाशित।
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