आगे बसंत
आगे बसंत
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आगे बसंत हर,छागे बसंत हर,
मौरागे आमा-अमरैया,
मगन होके गावत हावे
स्वागत गीत चिरइयाँ।
रुख-राई दिखे हरियर-हरियर,
उन्हारी खेती-खार,
बुझागे संगी दुवारी के अंगेठा,
भागे लागिस जाड़;
जंगल-पहाड़ी,फूल-फुलवारी,
बौराये उड़य भौंरा,
मगन होके गावत हावे
स्वागत गीत चिरइयाँ।
सरसों फूले पियर-पियर,
अरसी नीला घमाघम,
गाँव-गाँव मेला-मंडाई होवत हे,
नाचा-पेखा झमाझम;
फुलगे परसा ह,खुलगे धरसा ह,
खुश हे अवइया-जवइया,
मगन होके गावत हावे
स्वागत गीत चिरइयाँ।
दिखे अगास म चंदा-चंदैनी,
जग-जग ले सरी रात,
ताल-तलैया म खोखमा घलो
बगरावत हे पाँख;
मंगनी-बरनी होवत हे संगी,
सजत हे दूल्हा-दुल्हनिया,
मगन होके गावत हावे
स्वागत गीत चिरइयाँ।
पारा-पारा म बाजे नगाड़ा,
गावै फगुवा गान,
बसंत के अगुवाई म झूमत हे,
लइका अउ सियान;
आरी-पारी मारे पिचकारी,
जस राधा अउ कन्हैया,
मगन होके गावत हावे
स्वागत गीत चिरइयाँ।
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राम कुमार चन्द्रवंशी
बेलरगोंदी(छुरिया)
जिला-राजनांदगाँव
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