राम-राज्य आएगा कैसे

            राम-राज्य आएगा कैसे

भूल राष्ट्रहित, लिप्त हुए हों, मानव निज कल्यान में,
खींचातानी मची हुई हो, जनता और प्रधान में,
गैर हितैषी, भ्रात शत्रु का भाव भरे हों प्राण में,
राम-राज्य आएगा तो फिर, कैसे हिंदुस्तान में।।

मानव जब मानव की ही, देख प्रगति जलने लगे,
छोटी-छोटी बातों पर वे आपस में लड़ने लगे;
दया-धर्म विस्मृत हो जाये, केवल धन हो ध्यान में,
राम-राज्य आएगा तो फिर, कैसे हिंदुस्तान में।।

ह्रास आचरण में आ जाये , बढ़ने लगे विलासिता,
शरणागत हों वृद्धाश्रम में, जाकर के माता-पिता,
माँस-सुरा का मोल बढ़े जब, पहुना के सम्मान में,
राम-राज्य आएगा तो फिर, कैसे हिंदुस्तान में।।

चोर-लुटेरे आदर पायें, धर्मनिष्ठ दर-दर फिरे,
पापी का सीना हो चौड़ा, सत आरोपों से घिरे;
लिप्त रहेंगे मानवगण जब, ढोंगी के गुणगान में,
राम-राज्य आएगा तो फिर, कैसे हिंदुस्तान में।।

त्याग भरत-सा करने वाला, नजर नहीं आता कहीं,
लक्ष्मण जैसा भाई का बल, बना हुआ दिखता नहीं,
दानी नहीं रहा जो दे दे, हरिश्चंद्र-सा दान में,
राम-राज्य आएगा तो फिर, कैसे हिंदुस्तान में।।

जिस दिन जीवों की पीड़ा को मानव अपना मानेगा,
त्याग बुराई, सच्चाई के पथ पर चलना ठानेगा,
देव नजर आएँगे जिस दिन, जब सारे इंसान में,
राम-राज्य आएगा उस दिन सचमुच हिंदुस्तान में।।     

      राम कुमार चन्द्रवंशी            
      बेलरगोंदी (छुरिया)           
      जिला-राजनांदगाँव(छ. ग.)             
        9179798316

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