माँ की सीख
" माँ की सीख"
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ओ मेरे भीवा राजा बेटा,ओ मेरे राजकुमार,
सूरज बनकर चमके तू नित,याद रखे संसार।
जीवन के पथ पर है बेटा,धूप कभी तो छाँव,
दुआ है मेरी चुभ न पाये काँटा तेरे पाँव;
कर्म तू अपना करते रहना,मानना न कभी हार।
सूरज बनकर चमके तू नित,याद रखे संसार।
विपदा में भी हिम्मत रखना,होगी तेरी जीत,
दीया तुम्हारा जरूर जलेगा तूफानों के बीच;
नाम कमाना दुनिया में तेरे जीवन का हो सार।
सूरज बनकर चमके तू नित,याद रखे संसार।
दुनिया भर में नाम हो तेरा,ओ मेरे भीवा लाल,
अचरित होती रहे देखकर,दुनिया तेरा कमाल;
छूट सके न ये जग सारा तेरा दिया उधार।
सूरज बनकर चमके तू नित,याद रखे संसार।
मन में मेरे आस है बेटा,बने तू तारणहार,
गिरे-थके और दीन-दुखियों से करना तू नित प्यार;
याद तू रखना बात को मेरे,कहती हूँ बारम्बार।
सूरज बनकर चमके तू नित,याद रखे संसार।
राम कुमार चन्द्रवंशी
बेलरगोंदी(छुरिया)
राजनांदगाँव
9179798316
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