चलो महू नगर की ओर
चलो महू नगर की ओर
---------------------------------
चलो रे महू नगर की ओर,
जयकारा करते बाबा का
होकर भाव-विभोर।।चलो रे।।
जिस धरती पर जनम लिया था,
बाबा भीम हितकारी,
भरते ही हुँकार से जिनके,
काँपे अत्याचारी;
भेद विरुद्ध संघर्ष किया
जो जीवन भर पुरजोर।।चलो रे।।
जिसने लाया शोषितों के
जीवन में हरियाली,
दलितों के घर में भी आई
होली और दीवाली;
आया जगाने भारत में
जो बनकर स्वर्णिम भोर।।चलो रे।।
महक रही है चन्दन जैसी
महू नगर की माटी,
जन्म लिया था जिस धरा पर
हिन्द देश की थाती;
गूँज रही है जिनकी जयकारा
धरती पर चहुँओर।।चलो।।
आज बजा लो ढोल-नगाड़े,
बजा लो शहनाई,
आओ मनायें हम जयंती
दें सबको हम बधाई;
झूमे-नाचे ऐसे हम सब
जैसे वन में मोर।।चलो रे।।
राम कुमार चन्द्रवंशी
बेलरगोंदी (छुरिया)
राजनांदगाँव
9179798316
Comments
Post a Comment