चलो महू नगर की ओर

चलो महू नगर की ओर
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चलो रे महू नगर की ओर,
जयकारा करते बाबा का
होकर भाव-विभोर।।चलो रे।।

जिस धरती पर जनम लिया था,
बाबा भीम हितकारी,
भरते ही हुँकार से जिनके,
काँपे अत्याचारी;
भेद विरुद्ध संघर्ष किया
जो जीवन भर पुरजोर।।चलो रे।।

जिसने लाया शोषितों के
जीवन में हरियाली,
दलितों के घर में भी आई
होली और दीवाली;
आया जगाने भारत में
जो बनकर स्वर्णिम भोर।।चलो रे।।

महक रही है चन्दन जैसी
महू नगर की माटी,
जन्म लिया था जिस धरा पर
हिन्द देश की थाती;
गूँज रही है जिनकी जयकारा
धरती पर चहुँओर।।चलो।।

आज बजा लो ढोल-नगाड़े,
बजा लो शहनाई,
आओ मनायें हम जयंती
दें सबको हम बधाई;
झूमे-नाचे ऐसे हम सब
जैसे वन में मोर।।चलो रे।।

      राम कुमार चन्द्रवंशी
       बेलरगोंदी (छुरिया)
       राजनांदगाँव
        9179798316

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