सावन महीना
"सावन महीना"
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अँगरी मा जस सोन के मुँदरी,
अउ मुँदरी मा नगीना,
बड़ मनभावन सदा सुहावन,
लागय सावन महीना।।
हरियर-हरियर खेत-खार सब,
हरियर दिखे परिया,
नदिया-नरवा लागय जवान,
भरे कुँआ अउ तरिया,
गा-गा मेचका ख़ुशी मनावय,
नाचे उछल पढ़िना;
बड़ मनभावन सदा सुहावन,
लागय सावन महीना।।
चले काँवरिया करत जयकारा,
गुँजय कोना-कोना,
कभू हर-हर महादेव ले,
कभू बम-बम भोला;
लागे अइसन भीड़ मन्दिर मा,
जइसे बजार मीना,
बड़ मनभावन,सदा सुहावन,
लागय सावन महीना।।
आथे खुसियाली धरके सावन,
जाथे खुसियाली छोड़ के,
मया-पिरीत के राखी मा,
भाई-बहिनी ला जोड़ के,
लागे अधूरा,बारों महीना,
सावन के बिना;
बड़ मनभावन सदा सुहावन,
लागय सावन महीना।।
राम कुमार चन्द्रवंशी
बेलरगोंदी (छुरिया)
जिला-राजनांदगाँव
9179798316
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