समय-समय की बात
समय-समय की बात है
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दिल की बात
अपनों के पास
छुपाना नहीं चाहिए,
दिल की बात
हर किसी को
बताना नहीं चाहिए;
मिथ्या कोई वाक्य नहीं,
वाक्य दोनों सही;
दोनों की अपनी औकात है,
बस,समय-समय की बात है।
अपने ही लोग
संसार में
अपनों के काम आते हैं,
अपने ही लोग
संसार में
अपनों को गिराते हैं;
मिथ्या कोई वाक्य नहीं,
वाक्य दोनों सही;
दोनों की अपनी औकात है,
बस,समय-समय की बात है।
जुबान, इंसान को
इंसान से मिलाती है,
जुबान, इंसान को
इंसान से लड़ाती है;
मिथ्या कोई वाक्य नहीं,
वाक्य दोनों सहीं,
दोनों की अपनी औकात है,
बस,समय-समय की बात है।
राम कुमार चन्द्रवंशी
बेलरगोंदी (छुरिया)
जिला-राजनांदगाँव
9179798316
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