रिमझिम-रिमझिम गिर पानी
"रिमझिम-रिमझिम गिर पानी"
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रिमझिम-रिमझिम गिर पानी,
बादर ला चूम-चूम के;
गावै कोयली डार-डार मा
नाचे मयूरा झूम के।
ताल-नदी ला भर दे,
हलधर के दुःख हर दे;
प्यासे जीव ला जल दे,
रुख-राई ला फर दे;
चहके चारों कोती पंछी
डार-डार मा उड़ के।
हरियर खेती-खार रहे,
अन्न-धन के भण्डार रहे;
दीया ख़ुशी के द्वार जले,
सुखी हमर परिवार रहे;
दे अतका तैं हम ला ताकत
जिनगी जीयन खुल के।
बाग़-बगीचा ला महका,
दादुर ला तैं गीत गवा;
रंग दे अइसन भुइयाँ ला,
लागे चारों-मुड़ा नवा;
तोर सुवागत करबो हम सब,
गोंदा,चंपा फूल ले।
राम कुमार चन्द्रवंशी
बेलरगोंदी (छुरिया)
राजनांदगाँव (छ.ग.)
9179798316
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