राम नाम हे सार


राम नाम हे सार (सरसी छंद)

सब नत्ता हे झूठा संगी,एक हवय गा सार।
तहूँ किरायेदार जगत मा,महू किरायेदार।।

एक डार के हम सब पंछी,करना का अभिमान।
दया-धरम ला रख हिरदे मा,मनखे ला पहिचान।।

धन-दोगानी महल-अटारी,रहय सदा ना साथ।
कभू हाथ मा कभू सिराथे,जाना खाली हाथ।।

सबके ठीहा एक जघा हे,अलग-अलग हे बाट।
चलव सबो मन सँघरा संगी,ऊँच-नीच ला पाट।।

मोर-तोर के भाव छोड़के,सब ला गला लगाव।
पर ला जइसन आदर देहू,पाहू वइसन भाव।।

बने-बने मा सबके होथे,सुग्घर घर-परिवार।
बिपत परे मा मुँहू लुकावै,लागय सबला भार।।

चलव जगत मा दया-मया धर,सबला कहे 'कुमार'।
गाँठ बाँध लव कभू भुलव झन,राम नाम हे सार।।

                      राम कुमार चन्द्रवंशी
                       बेलरगोंदी (छुरिया)
                      जिला-राजनांदगाँव
                       9179798316
दैनिक दावा राजनांदगाँव में 12/8/18 को प्रकाशित।

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