अनमोल रतन

अनमोल रतन
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जग मा हे अनमोल जी,बेटी,रुख अउ गाय।
तीनों ला संसार मा,राखव सदा बचाय।।
राखव सदा बचाय,करव तीनो के आदर।
बेटी बिन संसार,बिना रुख जल ना बादर।।
कहिथे सन्त सुजान,याद राखव पग-पग मा।
गाय बिना ना दूध,मान देवव नित जग मा।।

     राम कुमार चन्द्रवंशी
     बेलरगोंदी (छुरिया)
      राजनांदगाँव
 

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