आजा रे विकास

आजा रे विकास
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सुने हावन कहिथे लोग,जादू हे तोर पाँव मा,
आजा रे विकास भूले-भटके मोर गाँव मा।

सिसकत हे तोर बिना गाँव के गली खोर,
रोवत हे माथ धरे चिखलाहा रोड;
चढत हावे आज ले राजनीति के दाँव मा,
आजा रे विकास भूले-भटके मोर गाँव मा।।

बिना भवन स्कूल के देख लेतेस हाल,
होगे जेला खुले हमर गाँव मा बारा साल;
ठाढ़ होतिस भवन घलो,रखतेस तोर पाँव ला,
आजा रे विकास भूले-भटके मोर गाँव मा।।

तोर बिना गाँव के गली रहिथे अँधियार,
जाने कब होही हमर गाँव मा उजियार;
जोहत हन गाँव के लोग तोर मया के छाँव ला,
आजा रे विकास भूले-भटके मोर गाँव मा।।

               राम कुमार चन्द्रवंशी
               बेलरगोंदी (छुरिया)
                राजनांदगाँव
                 9179798316

दैनिक देशबन्धु रायपुर के मँडई अंक मा 02/09/2018 के प्रकाशित।

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