भारत के वासी अँव

मय भारत के वासी अँव
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मय भारत के वासी अँव रे,
मय भारत के वासी अँव।
धरती दाई के सेवा बजइया
वफादार चपरासी अँव।।

ना मय छत्तीसगढ़िया आवंव,
ना मय हर गुजराती अँव;
ना मय आवंव उड़िया,बिहारी,
ना मय हर मदरासी अँव;
भारत भुइयाँ के लाल आवंव मय,
सोन चिरइयाँ के पाँखी अँव।
मय भारत के वासी अँव रे,
मय भारत के वासी अँव।।

सीमा मा नित डटे रहइया
सैनिक मय शेर,हाथी अँव,
दुश्मन ला रौंदे बर मय हर
एक अकेला काफी हँव;
नजर रखइया चारों-मुड़ा के
भारत के मय आँखी अँव।
मय भारत के वासी अँव रे,
मय भारत के वासी अँव।।

भारत भुइयाँ मा अन्न उपजइया,
नँगरिहा मय देहाती अँव,
जर-जरके जग ला अँजोरइया,
दीया के मय हर बाती अँव;
भीम,भागीरथ,विक्रम जइसन
मनखे मय परतापी अँव।
मय भारत के वासी अँव रे,
मय भारत के वासी अँव।।

              राम कुमार चन्द्रवंशी
              बेलरगोंदी (छुरिया)
              राजनांदगाँव
               9179798316
भिलाई,रायगढ़ तथा कोरिया दैनिक भास्कर में 15/10/2018 के संगवारी अंक में प्रकाशित।

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