गउ हे धन

(कज्जल)
गउ हे धन
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करव चलो मिलके उपाय।
रहय सुरक्षित हमर गाय।
रखबो कटनी ले बचाय।
लेबो जी सब पुन कमाय।।
गउ के महता रिषि बताय।
बिना भेद गोरस पियाय।
मनखे जे दूध,घी खाय।
ओकर घर ना बैध आय।।
अँगना गोबर मा लिपाय।
बीमारी दुरिहा भगाय।
गोबर खातू जब डलाय।
अन्न खेत मा लहलहाय।।
बछवा बढ़ बइला कहाय।
बाँवत-ब्यासी नित सधाय।
मनखे जउन समझ न पाय।
जिनगी ओकर अबिरथाय।।
नीत धरम के बाट जाव।
गउ हत्यारा झन कहाव।
गउ के महता झन भुलाव।
हिरदय ले सेवा बजाव।।

           राम कुमार चन्द्रवंशी
           बेलरगोंदी
            राजनांदगाँव
           9179798316
प्रकाशित दैनिक भास्कर बिलासपुर,सरगुजा 12/11/18

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