बानी के महता
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गीता छन्द
26 मात्रा 2212 2212 2212 221=26
"बानी के महता"
सबके सुनव सुनके गुनव,बोलव सदा जी तोल।
संसार मा बानी बिना,मनखे कहाँ अनमोल?
बानी हँसाथे लोग ला,बानी निभाथे रोल।
बानी सदा संसार मा,मिश्री मिलाके बोल।।
बानी लड़ाथे लोग ला,करथे कभू बदनाम।
बानी बनाथे काम जी,बानी चलाथे नाम।
बानी बिना दौलत,महल,रुपिया सकेलो लाख।
जम्मो हवे संसार मा,बानी बिना जी राख।।
बानी सदा जी लोग के नित खोलथे जी पोल।
बानी बनाथे लोग ला, संसार मा अनमोल।
बानी सबो के पास हे, जग मा करव उपयोग।
लोगन सुनय हिरदे खिले,नित वाह ! बोलय लोग।।
राम कुमार चन्द्रवंशी
बेलरगोंदी(छुरिया)
जिला-राजनांदगाँव
9179798316
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