सुरुज देव ले विनती

Date: Apr 15, 2019
Subject: सुरुज देव ले विनती (प्रकाशित दावा)
(मधुमालती छन्द)
2212 2212
         सुरुज देव ले विनती

हावे सुरुज तोला नमन।
कमती तपन करलव अपन।
लागत कुँआ ला हे नजर।
अँगरा बनत हे बाट हर।।

पंछी तलाशत नीर हे।
हालत अबड़ गंभीर हे।
तरिया मुँहू फारे हवे।
नरवा नदी हारे हवे।।

कूलर घलो रोवत हवे।
हलकान सब होवत हवे।
मुश्किल हवे अब तो सबर।
टोंटा सुखावत हे हमर।।

बड़ घाम हा हावे झुरत।
टप-टप पसीना हे चुहत।
बेहाल हे जीना हमर।
प्रभु राख हमरो तैं खबर।।

       राम कुमार चन्द्रवंशी
       बेलरगोंदी (छुरिया)
       जिला-राजनांदगाँव
       9179798316
प्रकाशित दैनिक दावा RJN 21/4/2019

Comments

Popular posts from this blog

गुस्सा कभू करव मत

वह ही तो इंसान है

बेरा के गोठ