किस्मत ला झन कोसो

(सार छन्द ) (16-12मात्रा)

        "किस्मत ला झन कोसो"

चलनी मा जी दूध दुही के,किस्मत ला झन कोसो।
बइठ निकम्मा दुनिया मा जी,ईश्वर ला झन दोसो। मेहनती के सदा सहारा,जग मा ईश्वर होथे।
आलस करथे जेन जगत मा,माथा धरके रोथे।।

विपत परे मा जे नइ भटके,सपना उही सँजोथे।
आमा के रस उही चुहकथे,जेहर आमा बोथे।
कारज के घटकार सदा जी,पुरखौती धन खोथे।
कुकुर बरोबर ओकर गति हर,दुनिया मा जी होथे।।

करो करम जी सुग्घर जग मा,पावो सुग्घर फ़र ला। जिनगी ला ओसार बनालव,अउ सुग्घर जी घर ला।
गार पसीना बीज सींचना,जीवन मा मत भूलौ।
रखव भरोसा अपन भुजा मा,आसमान ला छूलौ।।

         राम कुमार चन्द्रवंशी
         बेलरगोंदी (छुरिया)
         जिला-राजनांदगाँव
         9179798316

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