फागुन तिहार आगे

मनहरण घनाक्षरी

         फागुन तिहार आगे
     --------------------------------
फागुन तिहार आगे,खुशी चारों-खूँट छागे,
गाँव-गली धूम लागे,लोग फाग गात हे।
बैर-भाव ल भुलाके,ढोल नगाड़ा बजाके,
सुर ताल बरोबर,लोगन मिलात हे।
लोग सब आरी-पारी,मारत हे पिचकारी,
एक दूसरा मा लोग,अबीर लगात हे।
नीरवा न बचे हावे,स्वांग लोग रचे हावे,
फगुवा के धूम देख,लोग मुस्कुरात हे।।

छोटे-बड़े हमजोली,बनाके लोगन टोली,
खेलत हावय होली,सुग्घर गुलाल मा।
कोई बने राधारानी,कोई हर बनवारी,
नाचत हे लोग सब,नगाड़ा के ताल मा।
सोनू,मोनू,हीरा,मोती,भागत हे एती-ओती,
धरके अबीर लोग,मलत हे गाल मा।
निक हे होली के ढंग,हावे मन मा उमंग,
चढ़े सब मा हे रंग,एसो के जी साल मा।।

         राम कुमार चन्द्रवंशी
         बेलरगोंदी (छुरिया)
          जिला-राजनांदगाँव
          9179798316

Comments

Popular posts from this blog

गुस्सा कभू करव मत

वह ही तो इंसान है

बेरा के गोठ