वंदना

वंदना (प्रकाशित दावा)
(इन्द्रवज्रा छन्द)
(तगण तगण जगण अंत 2गुरु11-11वर्ण)
             
             वन्दना
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हे शारदा माँ, किरपा करो माँ।
सज्ञानता दे, विपदा हरो माँ।
सन्तान मैं तोर,तिहीं सहारा।
डोंगा लगा मोर,नदी किनारा।।

आये हवों आस धरे दुवारी।
साजे हवों धूप,कपूर थारी।
हे ज्ञान देवी जग कष्ट हारी।
बाधा हरो मोर सितार धारी।।

हावों अकेला अउ बेसहारा।
तैं मोर माता अउ मैं दुलारा।
बाढ़े सदा मान जहान में माँ।
संसार मा वो पहिचान दे माँ।।

विश्वास जागे छल भाव जावे।
गुस्सा कभू ना मन मोर आवे।
संसार लोहा नित मोर माने।
दे ज्ञान मोला,इतिहास जाने।।

       राम कुमार चन्द्रवंशी
       बेलरगोंदी (छुरिया)
       जिला-राजनांदगाँव
       9179798316
प्रकाशित दैनिक दावा RJN 09/04/2019 मंगलवार।

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