सूती के महता

(कुंडलियाँ)

           "सूती के महता"

सूती कपड़ा के सुनव, महता हवे कमाल।
जानव संगी फायदा, पहिनव सालों-साल।
पहिनव सालों-साल, कभू नइ गरमी लागे।
सर्दी जेला देख, सदा जी दुरिहा भागे।
बोलय बात 'कुमार' सिल्क ला मारव जूती।
रहिथे देह निरोग, सान से पहिरौ सूती।।

सूती कपड़ा अंत तक, आथे संगी काम।
अच्छा हावे सिल्क ले, नइ हे जादा दाम।
नइ हे जादा दाम, बिसावव जाके हटरी।
साड़ी आथे काम, अंत मा बनथे कथरी।
बोलय बात 'कुमार' सिल्क के छोड़व लफड़ा।
पहिनव सब नर-नार, सदा जी सूती कपड़ा।।

       राम कुमार चन्द्रवंशी
       बेलरगोंदी (छुरिया)
       जिला-राजनांदगाँव
       9179798316

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