निक कारज त्याग करो मत

Subject: *दुर्मिल सवैया (प्रकाशित दावा)

दुर्मिल सवैया 8×सगण 112
        निक कारज त्याग करो मत
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पर के धन देख जलो मत जी,इरखा अउ द्वेष करो मत जी।
अधिकार हवे फर मा सबके,विपदा जग देख डरो मत जी।
छल,लालच,क्रोध,अहं करके,खुद अन्तस पाप भरो मत जी।
जिनगी अनमोल हवे जग मा, निक कारज त्याग करो मत जी।।

कतको धनवान रहो जग मा, धन हा नित काम न आवय जी।
उपकार करे मनखे हर जी,तब व्यर्थ कभू नइ जावय जी।
बिन चाल-चरित्तर लोगन ला, जग हा न कभू सँहरावय जी।
करथे मनखे निक कारज ला,इतिहास कभू न भुलावय जी।।

          राम कुमार चन्द्रवंशी
          बेलरगोंदी (छुरिया)
          जिला-राजनांदगाँव
          9179798316
प्रकाशित दैनिक दावा RJN 29/4/2019

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