दीया बोले बानी
Subject: दीया बोले बानी (प्रकाशित)
(मनहरण घनाक्षरी)
"दीया बोले बानी"
दीया हर बोले बानी,सुन मनखे कहानी,
तोर-मोर जिनगानी,गजब समान हे।
तन ह दुनो के माटी,फूला झन तैंहा छाती,
जिनगी मा बिना बाती,झूठा सब सान हे।
होवै जग मा ना शोर,बिना जरे बाती मोर,
घोर तप बिना तोर,कहाँ पहिचान हे?
हाल मोर बिना ज्योति,तस तोर बिना पोथी,
सोना चाँदी हीरा मोती,माटी के समान हे।।
तोर मोर बीच भेद,बस अतका हे देख,
मेहा निरजीव अउ,तोर मा परान हे।
हाथ मा गढ़ेस मोला,दीया नाम देस मोला,
अउ तोला दुनिया मा लाये भगवान हे।
मोर गति ज्योति तक,तेल अउ बाती तक,
जगत मा ओतकच,मोर पहिचान हे।
तोर ज्ञान के अंजोर,बगराथे तोर शोर,
जेकर भरोसा तोर,जग मा निशान हे।।
राम कुमार चन्द्रवंशी
बेलरगोंदी (छुरिया)
जिला-राजनांदगाँव
9179798316
प्रकाशित दैनिक दावा 30/3/2019
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