वर दे विधाता
वसन्ततिलका (14वर्ण)
त भ ज ज 2गुरु
221 211 121 121 22
"वर दे विधाता"
संसार के चलइया सुन ले विधाता।
हे तोर मोर जग मा पितु-पूत नाता।
दे ज्ञान दान प्रभु जी,कर दे गियाता।
संसार मा हवय ना सम तोर दाता।।
काली,कबीर,तुलसी अउ सूर मीरा।
पाके असीस बनगे अनमोल हीरा।
आये हवों शरण मा हर मोर पीरा।
दे के असीस प्रभु जी मन मोर धीरा।।
विश्वास-प्रेम मन मा भर मोर देवा।
ना त्याग पावँव कभू मय तोर सेवा।
रद्दा सदा चलँव लालच छोड़ देवा।
संसार मा भुलँव ना मय प्रेम सेवा।।
हे न्याय के करइया कर न्याय दाता।
तैं शक्ति मोर रग मा भर दे विधाता।
छूटे कभू वतन ले झन मोर नाता।
मोला इही जगत मा वर दे विधाता।।
राम कुमार चन्द्रवंशी
बेलरगोंदी (छुरिया)
जिला-राजनांदगाँव
9179798316
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